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वर्तमान एक तोहफा: विद्या बालन

04 February, 2014 05:32:16 PM

विद्या बालन के अभिनय ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया है। उनकी सादगी ने भी सभी को प्रभावित किया। वह दिवा टाइप नहीं है। वह आम लड़कियों की तरह हैं। वह आपसे इतनी आत्मीयता से मिलती हैं कि आप उन्हें अपना मान लेते हैं। यह उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है—

एक समय आपने कहा था कि मैं इस इंडस्ट्री की शायद ही कभी हो पाऊंगी, अब आप सफल अभिनेत्री मानी जा रही हैं?

मैं इस इंडस्ट्री से नहीं हूं। शुरू में मुझे पता नहीं था कि यहां का चाल चलन कैसा होगा। हालांकि मेरी पहली दो फिल्में ‘परिणीता’ और ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ सफल रही थीं, फिर भी मैं मानती थी कि मुझे भी वही करना चाहिए जो दूसरी नायिकाएं करती हैं। मैं यहां मात खा गई, वह मेरे करियर का सबसे खराब वक्त था। उस समय मैंने कहा था और मुझे लगता था कि मैं बहुत दिनों तक यहां नहीं टिक पाऊंगी।

फिर ऐसा क्या हुआ कि आपकी इतनी सशक्त वापसी हुई?
‘किस्मत कनैक्शन’ और ‘हे बेबी’ के बाद मैंने अपने आपको जानने में काफी वक्त लिया। इसमें मेरी मदद की मेरे दोस्त और डिजाइनर सब्यसाची ने। सब ने मुझसे कहा कि तुम जैसी हो वैसी ही रहो। दूसरों की तरह दिखने या बनने की कोशिश मत करो। मैंने जब अपने आपको देखा तो महसूस किया कि यहां तो मैं थी ही नहीं, फिर तय किया कि अब मैं बिल्कुल अपनी तरह रहूंगी।

पिछले कुछ समय से आप अलग किस्म की भूमिकाएं चुन रही हैं?
मैं जब कोई फिल्म साइन करती हूं तो यह नहीं सोचती कि उसे सौ करोड़ के क्लब में शामिल होना है। मैं यह सोचती हूं कि यह फिल्म किस तरह से एक यादगार फिल्म बन सकती है। ‘इश्किया’ में अपना किरदार मुझे बहुत रियल लगा। ‘पा’ में मैं अमिताभ बच्चन की मां के रोल में थी, यह भी मेरे लिए अद्भुत अनुभव था। ‘डर्टी पिक्चर’ को मैंने एक चुनौती की तरह लिया।

चार साल से आप सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लगभग सभी पुरस्कार जीत रही हैं?
इस साल मुझे यकीन नहीं था कि ‘कहानी’ के लिए मुझे अवार्ड मिलेगा। मेरी नजर में ‘बर्फी’ में प्रियंका चोपड़ा का काम ज्यादा उम्दा था।

फिल्म इंडस्ट्री में यह माना जाता है कि शादीशुदा अभिनेत्री का करियर शादी के बाद मंदा पड़ जाता है?
यह सोच अब धीरे-धीरे बदल रही है। करीना को देखिए वह शादी के बाद धड़ाधड़ फिल्में कर रही हैं। मैं ऐसा बिल्कुल नहीं मानती। शादी के लिए कोई सही-गलत समय नहीं होता। मुझसे भी ऐसा कई लोगों ने कहा कि इस समय शादी मत करो। तुम्हारा करियर खत्म हो जाएगा। पर मेरे लिए अपने करियर के साथ-साथ निजी जिंदगी भी महत्वपूर्ण है। मेरी तो इच्छा है कि काम करते-करते ही जिंदगी गुजर जाए।

क्या हम यह मान लें कि अब आपने भी इस इंडस्ट्री में रहने का हुनर अच्छी तरह से सीख लिया है?
कई साल पहले मैंने केरल के सुपर स्टार मोहन लाल के साथ एक फिल्म साइन की थी। वह मेरी पहली फिल्म थी जो बन नहीं पाई लेकिन मोहन लाल से मैंने सीखा कि अभिनय के बहाव में अपने आपको किस तरह खुला छोड़ देते हैं। मैंने उन्हें मलयालम फिल्म ‘वानप्रस्थम’ में काम करते देखा जिसमें वह कत्थकली नर्तक बने थे। वह पूरी तरह उस किरदार में थे।

अतीत, वर्तमान और भविष्य में से आप किसे अपने लिए सबसे ज्यादा महत्व देती हैं?
आज हमें जो तोहफे के रूप में मिलता है, हमें इस तोहफे को दिल से स्वीकार करना चाहिए और अच्छी तरह खोलकर देखना चाहिए कि आज में क्या-क्या छिपा है। वर्तमान हमारे अतीत से प्रभावित होता है लेकिन कई बार भविष्य की योजना भी वर्तमान को बदल देती है। भविष्य के लिए हमे आज मेहनत करनी पड़ती है और अपनी प्राथमिकता बदलनी पड़ती है।


फिल्म इंडस्ट्री विघा बालनअवार्ड
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