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कभी पैसा नहीं था, अब वक्त नहीं: रणदीप हुड्डा

08 February, 2014 02:42:42 PM

मुंबई: रियाणा के कैथल शहर के जाट परिवार में 1974 में जन्मे रणदीप हुड्डा के पिता रणबीर हुड्डा एक डॉक्टर तथा मां आशा हुड्डा एक सामाजिक कार्यकत्र्ता हैं। अब उनका परिवार फरीदाबाद में रहता है। सोनीपत में राई स्थित मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोटर्स में पढ़े रणदीप को स्कूल के दिनों से ही अभिनय का शौक लग चुका था। स्कूली शिक्षा पूरी करके वह उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए जहां उन्होंने दो साल तक टैक्सी भी चलाई। फिर भारत आकर नौकरी की लेकिन मन में तो हमेशा से अभिनय की लालसा थी। आखिर एक दिन अपने दिल की सुनते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ कर अभिनय की दुनिया में कदम रख दिए। अपनी मेहनत तथा दृढ़निश्चय के बूते आज इंडस्ट्री में उनकी अपनी एक अलग पहचान है। पिछले साल ‘मर्डर 3’, ‘बॉबे टॉकीज’ तथा ‘जॉन डे’ जैसी उदा फिल्मों में दिखाई दिए रणदीप की इस साल कई फिल्में रिलीज के लिए तैयार हैं। इनमें सबसे पहले आलिया भट्ट के अपोजिट निर्देशक इतियाज अली की फिल्म ‘हाईवे’ शामिल है। इसके बाद ‘शूटर’, ‘किक’ तथा ‘मैं और चाल्र्स’ रिलीज होंगी। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुय अंश—


ऑस्ट्रेलिया में मैनेजमैंट की मास्टर्स डिग्री से बॉलीवुड स्टार बनने का सफर कैसे पूरा हुआ?
—ऑस्ट्रेलिया में मैंने कई तरह के काम किए जिनमें टैक्सी चलाना भी शामिल था। मेरी टैक्सी में बिजनैसमैन, नौकरीपेशा, कलाकार हर तरह के लोग बैठा करते। मैंने महसूस किया कि वे वही काम कर रहे हैं जो उनका दिल चाहता है। वे भाड़े की जिंदगी नहीं जी रहे थे और अपने दिल की सुनते थे। मैंने सोचा था कि मैं ऑस्ट्रेलिया से कभी वापस नहीं आऊंगा और वहीं कोई न कोई काम शुरू कर लूंगा। मैं सोचता कि स्टड फार्म खोल लूं या कोई और काम कर लूं लेकिन वह भी नहीं हो सका। फिर मैं भारत लौट आया और नौकरी करने लगा लेकिन मेरा दिल उसमें नहीं लगा। मैंने पिताजी से बात की कि मैं ऐसी नौकरी नहीं करना चाहता जिसमें पैसा तो हो लेकिन जिसके लिए दिल न मानता हो। मैंने उनसे कहा कि मैं फिल्मों में अभिनय करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे परिवार का फिल्म इंडस्ट्री से कोई संबंध नहीं है फिर तुम वहां क्या कर सकोगे लेकिन जो करना दिल लगा कर करना। फिर मैं दिल्ली में रंगमंच से जुड़ गया जहां मुझे मीरा नायर ने अपनी फिल्म ‘मानसून वैडिंग’ में रोल ऑफर किया और इंडस्ट्री में मेरा सफर शुरू हो गया।

लेकिन ‘मानसून वैडिंग’ के बाद आपको दूसरी फिल्म के लिए चार साल इंतजार करना पड़ा?
—इसे इंतजार नहीं कहेंगे। इस दौरान मैं रंगमंच से जुड़ा रहा। नसीरुद्दीन शाह जी के मोटले थिएटर ग्रुप के अनेक नाटकों में काम किया और आज भी 13 सालों से इससे जुड़ा हुआ हूं।

करियर में आप किसे टॄनग प्वाइंट मानते हैं?
—सबसे पहला और बड़ा टॄनग प्वाइंट मेरी पहली फिल्म ‘मानसून वैङ्क्षडग’ रही। इसके चार साल बाद आई फिल्म ‘डी’ ने इंडस्ट्री में मुझे असल पहचान दिलाई।

क्या स्टार बनने के बाद आपको ऑस्ट्रेलिया जाने का मौका मिला?
—मैं वहां टैक्सी चलाया करता था इसलिए चाहता हूं कि मैं जब कभी वहां जाऊं तो हवाई अड्डे से निकलते ही अपनी लिमोजीन में बैठूं। मैं वहां अपने दोस्तों को शानदार पार्टी भी देना चाहता हूं लेकिन कभी मेरे पास इतना पैसा नहीं था और अब वक्त नहीं होता।

आप स्पोटर्स स्कूल में पढ़े हैं, स्पोटर्स से आपको कितना लगाव रहा है?
 —स्पोटर्स स्कूल में पढऩे की वजह से स्पोटर्स मेरे जीवन का अहम हिस्सा रहा परंतु स्कूल के दिनों में मैं एक्यूट ब्रोंकाइटिस से ग्रस्त हो गया इसलिए वहां मुझे घुड़सवारी जैसे खेल खेलने की सलाह दी गई। मैंने घुड़सवारी से जुड़े अनेक खेल खेले और पदक भी जीते। मैं फिल्म ‘शोले’ में घोड़ों वाले दृश्यों को देख कर हमेशा रोमांचित होता था। हॉलीवुड फिल्मों के महान अभिनेता क्लींट ईस्टवुड का भी मैं बड़ा प्रशंसक हूं जिनकी फिल्मों में घोड़ों का खूब इस्तेमाल होता था। स्कूल में घोड़े और अभिनय ये दोनों मेरे शौक रहे।

आपकी फिल्म ‘हाईवे’ जल्द रिलीज होगी। इसमें आपकी क्या भूमिका है?

—इसमें मैं महाबीर भाटी नामक एक क्रिमिनल की भूमिका निभा रहा हूं जो हरियाणा के पिछड़े वर्ग से है। कुछ लोगों को लगता है कि चूंकि मैं हरियाणा से हूं तो मेरे लिए यह भूमिका निभाना कोई मुश्किल नहीं रहा होगा लेकिन मेरे बोलने का लहजा जाटू हरियाणवी है न कि गुजरी। मैंने इसे सीखने पर खासी मेहनत की तथा हरियाणा के उस वर्ग के कई युवकों से मुलाकात करके उनकी जीवनशैली के बारे में जानने की कोशिश की।

इतियाज के साथ काम करना कैसा रहा?
 —मैं और साजिद नाडियादवाला हंसते हैं कि कोई इंसान इतना अच्छा हो ही नहीं सकता और एक दिन वह विलेन निकलेगा। वह बेहद भरोसेमंद निर्देशक है।

आलिया भट्ट उम्र तथा अनुभव में आपसे काफी छोटी हैं। उनके साथ काम करना कैसा लगा?
—आलिया उम्र में बेशक छोटी हो परंतु मानसिक स्तर पर तो वह मुझसे भी ज्यादा परिपक्व है। मैं उनके पिता महेश भट्ट तथा बड़ी बहन पूजा भट्ट के साथ फिल्में कर चुका हूं। आलिया मेरे लिए बहुत खास है।

और किन फिल्मों में नजर आएंगे?
 —इस साल मेरी कई फिल्में आएंगी जिसके लिए मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं। ‘हाईवे’ के अलावा सलमान खान तथा जैकलीन के साथ ‘किक’ कर रहा हूं जिसकी कहानी हम तीनों के बीच एक प्रेम त्रिकोण है। ‘शूटर’ तथा ‘मैं और चाल्र्स’ में भी काम कर रहा हूं।


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