FacebookTwitterg+Mail

आलिया को लगता है परिणीति से डर

27 March, 2014 05:15:10 PM

आलिया भट्ट इस समय बॉलीवुड की नई सनसनी के रूप में बॉलीवुड में चर्चित हैं। हालांकि आलिया की प्रदर्शित हो चुकी फिल्मों ने ऐसा कुछ नहीं किया जिसका उल्लेख यहां बड़े गर्व से किया जाए। हां, न्यूकमर  होने के नाते उनसे परफार्मैंस की जितनी उम्मीदें लगी थीं वे जरूर वह पूरा करती नजर आईं। अपनी लुक, खानपान, और परफार्मैंस का खासा ख्याल रखने वाली आलिया का उत्साह इस समय चरम पर है। वह इसलिए कि उनकी फिल्में ‘2 स्टेट्स’ तथा ‘हम्फटी शर्मा की दुल्हनिया’ आने वाली हैं। पेश हैं उनसे एक बातचीत के अंश—

 

साजिद नाडियाडवाला की फिल्म ‘2 स्टेटस’ को काफी समय से लटका क्यों रखा है?

—मैं आपको ताजा अपडेट दे दूं, ‘2 स्टेटस’ की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है। असल में साजिद तो इसकी शूटिंग काफी पहले ही करने का इरादा रखते थे मगर इसकी स्क्रिप्ट पर काम चल रहा था। कुछ दिनों पहले इसकी काफी शूटिंग आई.आई.एम. अहमदाबाद में हुई। इसमें अर्जुन कपूर एक पंजाबी लड़के और मैं साऊथ इंडियन लड़की अनन्या  स्वामीनथन का रोल कर रही हूं।

 

लोगों का कहना है कि आप बहुत घमंडी हैं। सफलता ने आपको अहंकारी बना दिया है?

—इसका सबसे अच्छा जवाब तो मेरे को-स्टार और यूनिट के मैम्बर दे सकते हैं। फिर मैंने तो अभी अपना करियर शुरू किया है। एरोगैंट होती तो एक कदम चलना भी मुश्किल होता, जबकि मुझे तो अभी बहुत दूर जाना है। अब तक की मेरी सबसे बड़ी सफलता यह है कि 400 से ज्यादा लड़कियों के रिजैक्ट होने के बाद ‘स्टूडैंट ऑफ द यीअर’ के रोल में मुझे चुना गया। वैसे तो यह छोटी-सी बात है, पर मेरे लिए बड़ी बात थी।

 

आपके ज्यादातर करीबी लोगों का कहना है कि आप अपनी खूबसूरती को लेकर सजग ही नहीं, परेशान भी रहती हैं?

—मैं मानती हूं कि मेरा सबसे बड़ा पैशन सजना-संवरना है। बचपन से ही मां का मेकअप चोरी करके अप्लाई करती थी। घंटों आईने के सामने खड़े होकर अपने आपको निहारती थी और खुद पर ही वारी जाती थी। कई बार स्कूल में लिपस्टिक लगा कर जाने पर मेेरे मॉम-डैड को बुलाया गया। बावजूद इसके तब से आज तक मेरे सजने-संवरने में कोई कमी नहीं आई है। मेरा मेकअप बॉक्स हर महीने बदलता रहता है।

 

आपको ‘फूडी’ भी कहा जाता है। शूटिंग के दौरान आप हमेशा लंच ब्रेक का इंतजार करती हैं?

—मैं इस इल्जाम को भी कुबूल करती हूं। मुझसे बड़ा फूडी इस वल्र्ड में कोई और नहीं हो सकता। मम्मी कहती हैं कि मेरा मुंह 24 घंटे ही चलता रहता है। मेरा फेवरिट फूड है फ्रैंच फ्राइज। पूरा दिन हर समय मुझे बस यही चाहिए। कभी-कभी सोचती हूं, आलू न होता तो मेरा क्या होता। फूड और मेरे बीच प्यार का रिश्ता है। मैं अक्सर अपनी डाइट का खुला उल्लंघन करती हूं। मुम्बई के सारे रैस्टोरैंट वाले मुझे जानते-पहचानते हैं।

 

क्या बचपन में फिल्मों के सैट्स पर जाने की कोई याद आपको आज भी आती है?

—(हंसती हुई) तब मैं फिल्मों के सैट पर बहुत कम जाती थी और जाती भी तो सिर्फ खाने-पीने के मकसद से। उस वक्त मेरे जीवन का वही एकमात्र सबसे बड़ा मकसद होता था। जब तक मैंने अपनी पहली फिल्म ‘स्टूडैंट ऑफ द ईयीर’ की शूटिंग शुरू नहीं की, मुझे नहीं पता था कि बॉलीवुड में फिल्में कैसे बनती हैं।

 

इंडस्ट्री में आप किसे अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मानती हैं?

—परिणीति चोपड़ा को। जब मैंने उसकी फिल्म ‘लेडीज वर्सेज रिकी बहल’ देखी तो मैं उससे बहुत ज्यादा प्रभावित हुई। अपनी भाषा पर उसकी जो पकड़ है वह कमाल की है, काश मेरे पास भी यह गुण होता। उसकी फिल्म ‘इश्कजादे’ देखने के बाद मैंने उससे कहा था कि उसे मुझे सिखाना होगा कि रोते कैसे हैं। यह प्रतियोगिता बेहद सकारात्मक है और मैं चाहती हूं कि वह बहुत तरक्की करे।

 

आप लक्की हैं कि स्ट्रगल, कासिं्टग काऊच जैसे कटु अनुभवों से नहीं गुजरना पड़ा?

—सबसे अहम बात तो यह है कि लोगों को इस बुराई की खिलाफत करनी चाहिए और इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए जो वह नहीं करते। ये बुराइयां तो हर इंडस्ट्री में हैं। यह आप पर है कि आप इनसे कैसे निपटते हैं। यहां एकिं्टग क्लासेज में तमाम ऐसे लड़के-लड़कियां हैं जिन्हें रोल की खातिर ऑडिशन देने के नाम पर शोषण का शिकार बनना पड़ता है।

 

वर्तमान, भूत या भविष्य इसमें से किसे लेकर आपको अधिक ङ्क्षचता रहती है?

—किसी भी इंसान की हार-जीत इस पर निर्भर है कि वह वर्तमान के प्रति कितना सचेत और ईमानदार है। वर्तमान में रहने का एक फायदा यह है कि आप में अंदर की ओर मुडऩे की योग्यता आती है। गति का अनुभव होता है जो हमें प्रेरित करती है, पॉजिटिव बनाती है। किसी भी चीज को सम्पूर्णता में रखने की क्षमता मिलती है। वर्तमान, भूत या भविष्य के बारे में सोचने की बजाय हमें अपनी जिम्मेदारियों का एहसास होना ज्यादा अहम है।       


आलिया भट्ट2 स्टेट्सहम्फटी शर्मा की दुल्हनियापरिणीति चोपड़ा
loading...