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'कंगना को पुरस्‍कार नहीं इलाज की जरूरत', DCW चीफ ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र-पद्मश्री वापस लें, राष्‍ट्रद्रोह का केस हो

Updated 30 November, 2021 11:17:33 AM

बाॅलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत का विवादों से गहरा नाता है। वह आए दिन ऐसे बयान दे देती हैं जिनके चलते वह लोगों के निशाने पर आ जाती हैं। हाल ही में कंगना ने 1947 में मिली देश की आजादी को भीख बताया था। कंगना ने ऐसा बयान पद्मश्री पुरस्कार मिलने के कुछ दिनों बाद दिया था। कंगना के इस बयान की हर तरफ निंदा हुई थी। वहीं  कंगना ''आजादी'' वाली टिप्‍पणी का दिल्‍ली महिला आयोग ने संज्ञान लिया है।

मुंबई: बाॅलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत का विवादों से गहरा नाता है। वह आए दिन ऐसे बयान दे देती हैं जिनके चलते वह लोगों के निशाने पर आ जाती हैं। हाल ही में कंगना ने 1947 में मिली देश की आजादी को भीख बताया था। कंगना ने ऐसा बयान पद्मश्री पुरस्कार मिलने के कुछ दिनों बाद दिया था। कंगना के इस बयान की हर तरफ निंदा हुई थी। वहीं  कंगना 'आजादी' वाली टिप्‍पणी का दिल्‍ली महिला आयोग ने संज्ञान लिया है।

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DCW की चेयरपर्सन स्‍वाति मालिवाल ने कंगना को मिला 'पद्मश्री' वापस लेने की मांग की है। उन्‍होंने राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजी चिट्ठी में कहा है कि कंगना रनौत की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। ऐसे में उनको मिला नागरिक सम्‍मान वापस लिया जाए और उन पर राष्‍ट्रद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।

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मालिवाल ने अपनी चिट्ठी में लिखा- 'यह कोई इकलौता मामला नहीं है। वह आएदिनन अपने देश के लोगों के खिलाफ जहर उगलती रहती हैं और खुद से असहमति रखने वालों के खिलाफ बेहद घटिया भाषा का इस्‍तेमाल करती रही हैं।'

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DCW चीफ के अनुसार कंगना का व्‍यवहार पद्मश्री के लायक नहीं है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा-'कंगना रनौत ऐसी महिला है जिसे गांधी भगत सिंह की शहादत मजाक लगती है और लाखों लोगों की त्याग तपस्या से हासिल आजादी भीख लगती है!

 

इसको पुरस्कार की नही इलाज की जरूरत है!  मैंने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है कि तुरंत रनाउत का पद्म श्री वापिस लेके उसपे राष्ट्रद्रोह की FIR होनी चाहिए!'

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आजादी को भीख बताकर ट्रोल हो रहीं कंगना ने कहा है कि वह पद्मश्री सम्मान लौटा देंगी, अगर कोई उन्हें यह बताए कि 1947 में क्या हुआ था। कंगना ने लिखा था- '1857 में आजादी की पहली सामूहिक लड़ाई सुभाष चंद्र बोस, सावरकर जैसे लोगों के बलिदान के साथ शुरू हुई। लेकिन 1947 में कौन-सा युद्ध हुआ था, मुझे पता नहीं है। अगर कोई मुझे बता सकता है तो मैं अपना पद्मश्री वापस कर दूंगी और माफी भी मांगूंगी।'

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Content Writer: Smita Sharma

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