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Exclusive Interview: ड्रामा, थ्रिलर और सस्पेंस से भरपूर है रनवे 34

Updated 29 April, 2022 05:08:06 PM

अजय देवगन अभिनय के अलावा निर्देशन के लिए भी जाने जाते हैं, वे ''यू मी और हम'' (2008) और ''शिवाय'' (2016) का भी निर्देशन कर चुकें हैं। यही कारण है कि उनके निर्देशन में बनी फिल्म ''रनवे 34'' का भी लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

ज्योत्सना रावत। अजय देवगन अभिनय के अलावा निर्देशन के लिए भी जाने जाते हैं, वे 'यू मी और हम' (2008) और 'शिवाय' (2016) का भी निर्देशन कर चुकें हैं। यही कारण है कि उनके निर्देशन में बनी फिल्म 'रनवे 34' का भी लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। यह इंतजार अब खत्म हो चुका है। 'रनवे 34' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह 2015 में हुई एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। जिसमें खराब मौसम और धूंध की वजह से पायलट को प्लेन चलाने में काफी परेशिनियों का सामना करना पड़ता है। इसमें अमिताभ बच्चन, बोमन ईरानी, रकुल प्रीत सिंह, आकांशा सिंह और यूट्यूबर कैरी मिनाटे भी हैं। फिल्म को अजय देवगन ने डायरेक्ट करने के साथ इसका प्रोडक्शन भी किया है। प्रमोशन के लिए दिल्ली पहुंची फिल्म की स्टारकास्ट अजय देवगन और रकुल प्रीत सिंह ने पंजाब केसरी/ नवोदय टाइम्स/ जगबाणी/ हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश है बातचीत के मुख्य अंश :

अजय देवगन

 

1.फिल्म में क्या खास होने वाला है?
मैं बताना चाहूंगा कि यह फिल्म एक सच्ची घटना से इंस्पायर्ड है। फिल्म में बहुत सारा ड्रामा, थ्रिलर और सस्पेंस भी है। यह काफी अलग तरह की फिल्म है। 

 2. क्या आप फिल्म बनाने से पहले इस इंसिडेंट के बारे में जानते थे।
नहीं मैं इस बारे में पहले कुछ नहीं जानता था आप जब फिल्म देखेंगे तो पता चलेगा कि ये कितनी इंटरेस्टिंग है। 

3. अमिताभ बच्चन को डायरेक्ट करना कैसा रहा?
मैं बताना चाहूंगा कि मिस्टर बच्चन को अपनी फिल्म में डॉयरेक्ट करना हर डॉयरेक्टर का ड्रीम होता है। उनके साथ काम करना बहुत अच्छा रहा आप उम्मीद करते है कि सामने वाला आपको 100 पर्सेंट दें लेकिन मिस्टर बच्चन तो 150 पर्सेंट देते हैं। 

4. ट्रेलर से यह फिल्म हॉलीवुड के लेवल की लग रही है। सेट, इफेक्ट्स सबकुछ कैसे अचीव किया ?
 मैं बताना चाहुंगा कि जब लोग बोलते हैं कि हमारी फिल्में उनके (Hollywood) जैसी नहीं बन पाती तो उनको ये सोचना चाहिए कि वे फिल्में हजार करोड़ के बजट की बनाते हैं और हम सौ करोड़ में। हमारी बहुत लिमिटेशन्स है, लेकिन हमारे पास बहुत टैलेंट है ऐसे दिमाग है कि हम सब अपने बजट में कर सकते हैं। उनसे कंपेयर करना आसान है, लेकिन अपने दायरे में रहकर वहां तक पहुंचना मुश्किल तो है लेकिन मजा आता है।

5. आप एक्टर, डॉयरेक्टर, प्रोड्यूसर सबकुछ हैं, ऐसा और क्या है जो आप अभी करना चाहते हैं?
अजय हंसते हुए कहते हैं पता नहीं.... हां अभी बहुत कुछ करना बाकी है। कोशिश यही है अच्छा काम करना है चाहे जिस भी डिपार्टमेंट में हो।  

6. इस मुकाम पर आकर आज आपके लिए फिल्मों के मायने कितने बदले हैं? 
मैं बताना चाहूंगा कि हॉलीवुड में कभी किसी एक्टर से पूछा नहीं जाता कि आपने छोटा रोल क्यों किया, लेकिन हमारे यहां ऐसा होता है। मेरे हिसाब से अगर आपका किरदार छोटा है और फिल्म को पूरी सपोर्ट देता है, तो करना चाहिए। मैंने हमेशा वो काम किया जो मुझे अच्छा लगा। एक एक्टर होने के नाते कभी एक जैसा काम नहीं करना चाहिए वरना आप उसी तरह के किरदार में बंध जाते हैं। अगल- अलग चीजे करना जरूरी है।

7. डॉयरेक्टर के तौर पर आपको क्या लगता है कि OTT की वजह से इंडस्ट्री में क्या चेंज आया है?
OTT आने से ये चेंज आया है कि हमारी ऑडियंस का एक्सपोजर काफी बढ़ गया है। अब लोग हर लेंग्वेज और अलग- अलग तरह के सिनेमा को देखना पसंद करते हैं। आप इस बात को समझिए कि साउथ की फिल्में हो या पंजाबी फिल्में सभी इंडिया की ही हैं। बदलाव ये आया है कि OTT की वजह से अब सब आसानी से देखने लगे हैं।

रकुल प्रीत सिंह

 

1. अपने किरदार के लिए आपने कैसे तैयारी की इस बारे में कुछ बताएं ?
मेरा किरदार इसमें को पॉयलेट का है। इसके लिए मैनें और अजय सर दोनों ने चार - पांच दिन तक कॉकपिट ट्रेनिंग ली। जिससे हमें पता चले कि पैनेल पर कहां कौन से बटन होते हैं। क्योंकि तभी हमारी बॉडी लेंग्वेज सही रहेगी। इसके अलावा एक कैप्टन भी हमारे सेट पर रहते थे। हां लेकिन जब आप युनिफॉर्म पहनते हैं, तो वो कॉन्फिडेंस आप में खुद ही आ जाता है। 

2. अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का एक्सपिरिएंस कैसा रहा? उनकी कोई क्वालिटी बताएं?

रकुल बताती हैं कि मेरे लिए तो अमिताभ जी के साथ काम करना सपना पूरा होने जैसा है। जब इंडस्ट्री में कोई आता है, तो उनका सपना होता है कि एक बार वो बच्चन जी से मिल ले। उसके बाद जब उसको काम मिलने लगता है, तो उसका सपना होता है एक बार बच्चन सर के साथ काम करने को मिल जाए। मैं बताना चाहूंगी कि बच्चन जी में काम के लिए आज भी बहुत डेडिकेशन है। वे सेट पर समय से पहले पहुंच जाते हैं, वे वैनिटी वैन में नहीं जाते रिहर्सल करते रहते हैं। एक किस्सा बताती हूं हमारा इक्कीस पेज का एक सीन था जो साथ में करना था और जब बच्चन सर आए तो उनको सभी डॉयलॉग याद थे। मुझे नहीं लगता ऐसे कोई और एक्टर इतना तैयार होते होंगे। उन्हें कभी घर जाने की जल्दी नहीं होती। मैनें उनसे सीखा की आप किसी भी मुकाम पर पहुंच जाओ लेकिन आपका काम के प्रति डेडिकेशन कम नहीं होनी चाहिए।

3. आप पहले भी अजय देवगन के साथ काम कर चुकी है, जो सबको बहुत पसंद आया लेकिन इस फिल्म में डायरेक्टर के तौर पर उनके साथ कैसा एक्सपिरिएंस रहा?

हां शूट के सैंकेंड डे मैंनें अजय सर को कहा कि आप कैसे इतना सब कर रहे हो एक्ट भी कर रहे हो डॉयरेक्शन भी। सारे कैमरे भी वही चैक करते थे। रन वे शूट करना बहुत मुश्किल है। अजय सर को चैलेंजेज बहुत पसंद है।

4. हम आपको आगे किन- किन फिल्मों में देखेंगे?
मेरी कई फिल्में आ रहीं हैं जिसमें मेरे अलग- अलग तरह के किरदार हैं। आयुष्मान खुराना के साथ फिल्म 'डॉक्टर जी' है इसमें मैं डाक्टर के किरदार में हूं। एक अजय देवगन व सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'थैंक गॉड' भी है। साथ ही एक फिल्म 'छतरी वाली' भी है जिसमें मैं कॉन्डोम टेस्टर बनीं हूं।  

 

 


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