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अब कंगना रनौत ने पढ़ाया धर्म का पाठ, बोलीं- दक्षिण-उत्तरी भारती,पंजाबी कहना बंद कर सिर्फ खुद को भारतीय समझें तो देश रहने लायक

Updated 22 November, 2021 04:32:35 PM

एक्ट्रेस कंगना रणौत के विवादित बयानों को लेकर इन दिनों खूब बवाल मचा हुआ है, जहां एक्ट्रेस ने 1947 की आजादी को भीख बताया इसके बाद कृषि कानूनों को मोदी सरकार द्वारा वापस लिए जाने के बाद कंगना ने पोस्ट शेयर कर सिख समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद मामला ओर गर्म हो गया। सिखों के लिए इस्तेमाल की गई भाषा और विचार पर दिल्ली की सिख गुरुद्वारा प्रबंधन ने नाराजगी जाहिर की। कंगना के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। इसी बीच कंगना ने एक बार फिर इंस्टा स्टोरी में धर्म को लेकर अपने बेबाक विचार पे

मुंबई. एक्ट्रेस कंगना रणौत के विवादित बयानों को लेकर इन दिनों खूब बवाल मचा हुआ है, जहां एक्ट्रेस ने 1947 की आजादी को भीख बताया इसके बाद कृषि कानूनों को मोदी सरकार द्वारा वापस लिए जाने के बाद कंगना ने पोस्ट शेयर कर सिख समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद मामला ओर गर्म हो गया। सिखों के लिए इस्तेमाल की गई भाषा और विचार पर दिल्ली की सिख गुरुद्वारा प्रबंधन ने नाराजगी जाहिर की। कंगना के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। इसी बीच कंगना ने एक बार फिर इंस्टा स्टोरी में धर्म को लेकर अपने बेबाक विचार पेश किए हैं। 

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कंगना ने लिखा- 'आज का विचार, दक्षिण भारतीय उत्तर भारतियों द्वारा भेदभाव महसूस करते हैं यही वजह है कि द्रविड़ियन आंदोलन हुआ। उत्तर भारतीय सिखों को पूरे भारत में भेदभाव महसूस होता है इसलिए वह खालिस्तान चाहते हैं। पंजाबी हिंदुओं को लगता है कि सिख उन्हें दबा रहे हैं और उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।मुस्लिमों को भी भेदभाव महसूस होता है इसलिए वह देश के टुकड़े करते हैं और आगे और चाहते हैं। नार्थ ईस्ट और पहाड़ी लोग कितना निगलेक्ट महसूस करते हैं यह हम सभी जानते हैं। हिंदुओं को भी उपेक्षित महसूस होता है, महाराष्ट्रियन को भी उपेक्षित महसूस होता है तो इसके कारण शिवसेना बनी। बंगाली, केरला, बिहारी और यूपी के लोग क्या महसूस करते हैं वहां तो सोच नहीं सकते।'

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कंगना ने आगे कहा- 'हां, हम इसे किसी एक को नहीं कह सकते लेकिन ये उपेक्षित बाल सिंड्रोम ही इस देश की सबसे बड़ी समस्या है। अगर हर कोई भेदभाव का शिकार हो रहा है तो ये भेदभाव कर कौन रहा है। इसका एक ही हल है राष्ट्रीयता।अगर हमें उपेक्षित बाल सिंड्रोम से बचना है तो धर्म और जाति को सीमित करना होगा। अगर आप किसी से बेहतर होने का सोचेंगे ही नहीं तो छोटा महसूस होने की भावना जागेगी ही नहीं। अगर हम दक्षिण भारतीय, उत्तर भारतीय, महाराष्ट्रियन, बिहार, पंजाबी, होना बंद कर देंगे और खुद को सिर्फ भारतीय समझेंगे तो यह देश हमारे लिए रहने की और भी बेहतर जगह बन जाएगा। उम्मीद हो कि हम ऐसा करें। जय हिंद।' कंगना का ये पोस्ट खूब वायरल हो रहा है। 

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बता दें शिरोमणि अकाली दल के नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रेसिडेंट मनजिंदर सिंह सिरसा ने कंगना के सिख समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी वाले पोस्ट पर नाराजगी जाहिर करते हुए राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी है। सिरसा ने कंगना का पद्मश्री अवॉर्ड वापस लेने की मांग की है। इसके अलावा सिरसा ने एक्ट्रेस को जेल में डालने या फिर उन्हें पागलखान भेजे जाने के लिए कहा है। 

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