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दमदार आवाज और जानदार अभिनय के बादशाह थे प्राण

know about pran son sunil sikand on his death anniversery
12 July, 2018 11:21:19 PM

मुंबईः प्राण के हिंदी फिल्मों में आगमन की कहानी काफी दिलचस्प है। प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता केवल कृष्ण सिकंद सरकारी ठेकेदार थे। उनकी कंपनी सड़के और पुल बनाने के ठेके लिया करती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राण अपने पिता के काम में हाथ बंटाने लगे । एक दिन पान की दुकान पर उनकी मुलाकात लाहौर के मशहूर पटकथा लेखक वली मोहम्मद से हुई। वली मोहम्मद ने प्राण की सूरत देखकर उनसे फिल्मों में काम करने का प्रस्ताव दिया। प्राण ने उस समय वली मोहम्मद के प्रस्ताव पर ध्यान नही दिया लेकिन उनके बार-बार कहने पर वह तैयार हो गए।  
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वर्ष में प्रदर्शित फिल्म ..यमला जट .. से प्राण ने अपने सिने करियर की शुरूआत की। फिल्म की सफलता के बाद प्राण को यह महसूस हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में यदि वह करियर बनाएगें तो ज्यादा शोहरत हासिल कर सकते है। इस बीच भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद प्राण लाहौर छोड़कर मुंबई आ गए। इस बीच प्राण ने लगभग 22 फिल्मों में अभिनय किया और उनकी फिल्में सफल भी हुई, लेकिन उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि मुख्य अभिनेता की बजाय खलनायक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। वर्ष 1948 में उन्हें बांबे टॉकीज की निर्मित फिल्म ..जिद्दी.. में बतौर खलनायक काम करने का मौका मिला। फिल्म की सफलता के बाद प्राण ने यह निश्चय किया कि वह खलनायकी को ही करियर का आधार बनाएगें और इसके बाद प्राण ने लगभग चार दशक तक खलनायकी की लंबी पारी खेली और दर्शको का भरपूर मनोरंजन किया। 

बता दें कि बहुत कम लोगों को पता है कि प्राण को क्रिकेट का कितना शौक था, यहां तक कि वो मुंबई में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया के सदस्य बन गए थे। ब्रेबोर्न स्टेडियम में होने वाले हर बड़े मैच को प्राण देखने जाया करते थे।


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