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'बढ़ रहा है थीम आधारित शादियों का चलन'

19 January, 2014 12:45:12 PM

नई दिल्ली: शादी एक ऐसा मौका है जिसे हर इंसान अपनी रूचि और हैसियत के अनुसार यादगार बनाना चाहता है और लोगों की इसी हसरत ने थीम आधारित विवाह की शुरूआत की। पिछले कुछ सालों में लोगों में थीम आधारित शादियों के प्रति रूझान दिखाई पड़ रहा है। पहले केवल उच्च वर्ग में ही ऐसी शादियां होती थीं लेकिन अब उच्च मध्य वर्ग और मध्य वर्ग के लोग भी ऐसी शादियों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

योजनाकारों के मुताबिक बाजार में जयमाला, बारात स्वागत, और सजावट के लिए सैकड़ों तरह की थीम उपलब्ध हैं और यह थीम छोटे से लेकर बड़े तक, हर तरह के बजट में मिल सकती हैं। जिन थीमों को ज्यादा पसंद किया जाता है, उनमें बदलते रूझान के साथ हर बार एक नया बदलाव करके उसे और अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश भी की जाती है। दिल्ली में इस माह के अंत में शुरू हो रही शादियों के सीजन में सावंरिया, रजवाड़ा, कलश, मंदिर और किताब जैसी थीम मुख्य आकर्षण होंगे जिसके लिए दिल्ली में शादी के योजनाकारो ने नए साजो-सामान के साथ पूरी तैयारियां कर ली हैं।

योजनाकारों का कहना है कि ऐसी शादियों से जहां कलात्मक अभिव्यक्ति को दर्शाने का मौका मिलता है वहीं इससे लोगो को रोजगार भी मिलता हैं। यह शादी के योजनाकारों के लिए भी अधिक से अधिक लाभ अर्जन करने का मौका होता है। इसमें वही योजनाकार अधिक से अधिक मुनाफा कमा सकेगा जो प्रतिस्र्पधा के इस युग में गुणवत्ता युक्त सेवा प्रदान कर सकेगा। इंवेट के प्रशांत कुमार ने भाषा को बताया कि जनवरी के अंत में शुरू हो रहे शादियों के सीजन में इस बार सावंरिया, रजवाड़ा जैसी थीम की अग्रिम बुकिंग हमने पिछले माह ही कर ली थी और उनके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
 

वैभव का भव्य प्रदर्शन करने के लिए रजवाड़ा एक बेहतरीन थीम है जिसमें दूल्हा एवं दुल्हन राजसी ठाठ-बाठ के साथ आते हैं और उनकी जयमाला होती है। इस थीम में दुल्हन की सखियों के प्रतीक के रूप में कुछ लड़कियां हाथ में फूल पत्तियां बिखेरती हुई आती हैं। दुल्हन पालकी में आती है। वहीं दूल्हे के आगे उनके सखा के रूप में कुछ लोग हाथ में मशाल लेकर नगाड़े की धुन के बीच चलते हुए आते हैं। म्यूजिक की धुन भी कुछ इसी तर्ज पर बजायी जाती है और जयमाला होती है।
 

उनका कहना है कि इस कार्य के लिए विदेशी युवक एवं युवतियां भी लोगो की मांग पर बुलाई जाती हैं। सांवरिया एक रोमांटिक थीम है जिसमें चांद तारे सजाये जाते है जिनके बीच से दुल्हन आती है। सजावट भी नीले और सफेद फैब्रिक और रंगीन फूलो से की जाती है ताकि रूमानी माहौल बनाया जा सके। हर थीम में जरूरत के मुताबिक फूलो, फैब्रिक एवं अन्य सामान के साथ सजावट की जाती है। प्रशांत के अनुसार स्काई लाईट थीम भी अब काफी लोकप्रिय हो गयी है।

थीम आधारित शादी करने वाले आधे से अधिक लोगो में अब स्काई लाईट थीम को बुक किया जा रहा है। इसमें स्काई लाईट लैम्प को जलाकर बारात के स्वागत के दौरान हवा में छोड़ा जाता है ताकि शादी वाले गार्डन या रिसोर्ट के उपर खुबसूरत सजीव जगमगाता हुआ नजारा बन सके। नई दिल्ली के एडोरेबल इवेंट के मुनीश शर्मा के अनुसार स्टेज पर किताब वाली थीम भी काफी लोकप्रिय है।

इसमें किताब के दोनों पन्नों पर एक रोमांटिक प्रस्तुति के साथ खुलते हुए पन्नो के बीच में से दूल्हा-दुल्हन निकलते हुए दिखाई देते हैं। वरमाला के लिए हाइड्रोलिक लिफ्ट का भी इस्तेमाल आमतौर पर किया जाता है जिसके माध्यम से वर वधू को सतह से कुछ उंचा उठाकर वरमाला कराई जाती है जिससे वहां मौजूद लोग वर वधू के इस पल को अपनी आंखो से देख सके और फोटाग्राफी एवं वीडियोग्राफी के जरिए आसानी से उस क्षण को कैमरे में कैद किया जा सके।
 


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